Posts

Showing posts from February, 2020

Tata की Jaguar Land Rover ने पेश की भविष्य की कार, बिना ड्राइवर की Electric कार में ये होगा खास

Image
Tata Motors (टाटा मोटर्स) की कंपनी Jaguar Land Rover (जगुआर लैंड रोवर) (JLR) ने भविष्य के लिए एक ड्राइवरलेस (चालक-रहित) Electric Car (इलेक्ट्रिक कार) पेश की है। इस फ्यूचर कार को सेंट्रल ब्रिटेन के वारविक यूनिवर्सिटी में स्थित कंपनी के इनोवेशन सेंटर (रिसर्च सेंटर) में तैयार किया गया है। JLR ने इसे Project Vector (प्रोजेक्ट वेक्टर) के तहत तैयार किया है। कंपनी के बताया, प्रोजेक्ट वेक्टर हाईटेक, मल्टीपर्पज, ऑटोमैटिक और लचीली इलेक्ट्रिक कार विकसित करने का प्रोजेक्ट है।  क्या है प्रोजेक्ट वेक्टर जगुआर लैंड रोवर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राल्फ स्पेथ ने बताया, "प्रोजेक्ट वेक्टर से यह पता चलता है कि Jaguar Land Rover हमारे समाज को अधिक सुरक्षित, अधिक स्वस्थ और पर्यावरण को अधिक स्वच्छ बनाने के लिए इनोवेशन में सबसे आगे है।"   उन्होंने कहा, "हम इस परियोजना के जरिए अकादमिक जगत, आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल सेवा सेक्टर की उत्कृष्ट प्रतिभाओं को एक साथ ला रहे हैं, ताकि आवागमन की कनेक्टेड व एकीकृत प्रणालियां विकसित की जा सकें। ये प्रणालियां ही ‘डेस्टिनेशन जी...

चीन: कोरोना वायरस का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर, 10 लाख वाहन कम बिके

Image
बीजिंग:   नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) ने चीन के वाहन उद्योग को बुरी तरह से प्रभावित किया है. एक विश्लेषण में गुरुवार को बताया गया कि चीन में 2020 में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कम से कम 10 लाख यूनिट बिक्री की कमी देखी गई है. ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सीएएएम) ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी. एसोसिएशन ने वायरस की वजह से ऑटो उद्योग को भारी नुकसान होने की बात कही. एसोसिएशन ने कहा कि मांग में गिरावट आई है, उत्पादन में बाधा उत्पन्न हुई है और कुछ मध्यम आकार के वाहन निर्माताओं को भी पूंजी संकट का सामना करना पड़ रहा है.एसोसिएशन ने कहा, "मध्य चीन के हुबेई प्रांत में देश के कुल ऑटोमोबाइल उत्पादन का लगभग आठ से नौ फीसदी उत्पादन होता है. जबकि दक्षिण चीन के गुआंगडोंग और पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत भी महत्वपूर्ण विनिर्माण केंद्र हैं. जैसा कि इन प्रांतों पर असर देखने को मिला है, स्थानीय ऑटोमोबाइल असेंबली और देशभर में कारों की आपूर्ति अब बाधित हो रही है." इसके अलावा सीएएएम के सहायक महासचिव जू हैडॉन्ग ने कहा कि कोवि...

तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित एक मैकेनिकल इंजीनीयर एस कुमारस्वामी ने 10 साल की मेहनत से एक ऐसे इंजन का आविष्कार किया है, जो डिस्टिल्ड वाटर से चल सकेगा.

Image
नई दिल्ली, ANI रिपोर्ट:  तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित एक मैकेनिकल इंजीनीयर एस कुमारस्वामी ने 10 साल की मेहनत से एक ऐसे इंजन का आविष्कार किया है, जो डिस्टिल्ड वाटर से चल सकेगा. बताया जा रहा है कि यह अपने आप में एक अलग तरह का इंजन है, जो इको-फ्रेंडली भी है. इंजन इको-फ्रेंडली इसलिए है, क्योंकि यह ऑक्सीजन छोड़ता है और फ्यूल यानी इंधन के तौर पर हाइड्रोजन का इस्तेमाल करता है. मगर अफसोस कि इस इंजन को भारत के बदले जापान में लॉन्च किया जाएगा. प्रशासनिक उदासीनता की वजह से  एस कुमारस्वामी को अपने आविष्कार को जापान में लॉन्च करना पड़ रहा है.  दरअसल, तमिलनाडु के एस कुमारस्वामी ने दावा किया है कि इस इंजन को विकसित करने में उन्हें 10 साल लग गए. उनका दावा है कि यह अपने तरह का दुनिया का पहला इंजन है. उन्होंने कहा, ' इसे बनाने में मुझे 10 साल लग गए. यह इंधन के रूप में हाईड्रोडन का इस्तेमाल करता है और ऑक्सीजन छोड़ता है.' उन्होंने आगे कहा कि 'मेरा सपना था कि मैं इस इंजन को भारत में इंट्रोड्यूस करूं, इसलिए मैंने सभी प्रशासनिक दरवाजे खटखटाए. मगर मुझे कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला. इसल...